संडी, 10 अगस्त 2025: अविभाजित मध्य प्रदेश की पहली महिला सांसद मिनी माता और सात बार के सांसद व स्वतंत्रता सेनानी रेशमलाल जांगड़े की पुण्यतिथि 11 अगस्त को है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। शिक्षक और संकुल समन्वयक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम राय ने दोनों महान विभूतियों को याद करते हुए यह जानकारी दी।

मिनी माता: वात्सल्य और करुणा की प्रतिमूर्ति
विक्रम राय ने मिनी माता को वात्सल्य, करुणा और त्याग की प्रतिमूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि मिनी माता ने संसद में अस्पृश्यता निवारण बिल पेश कर समाज से छुआछूत को दूर करने की पहल की थी। इसके अलावा, उन्होंने मजदूर उत्थान, नारी शिक्षा, बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। उनकी दूरदर्शिता का परिणाम हसदो बांगो परियोजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं थीं।
रेशमलाल जांगड़े: स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक
राय ने रेशमलाल जांगड़े को सतनामी समाज का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि जांगड़े जी ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया था और सात बार सांसद रहे। उन्होंने लोकसभा में अलग छत्तीसगढ़ राज्य की अवधारणा रखी थी। इसके साथ ही, उन्होंने गिरौदपुरी मेले की शुरुआत कर गुरु घासीदास जी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।
सतनामी समाज की मांग:
विक्रम राय ने सतनामी समाज की ओर से मांग करते हुए कहा कि नए विधानसभा भवन का नाम मिनी माता के नाम पर रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भाजपा सरकार ऐसा नहीं करती है, तो उसे भविष्य में सत्ता से हाथ धोना पड़ सकता है, जैसा कि पंडरी बस स्टॉप के नामकरण को लेकर कांग्रेस सरकार के साथ हुआ था। उन्होंने कहा कि समाज अपने पुरोधाओं के सम्मान को लेकर बहुत गंभीर है।
विक्रम राय ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूरा सतनामी समाज उन्हें शत-शत नमन करता है।

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