खरोरा न्यूज़

विश्वसनीय समाचार, हर पल

मिनी माता की पुण्यतिथि: वात्सल्य, करुणा और त्याग की प्रतिमूर्ति को मोहन बंजारे ने दी श्रद्धांजलि

IMG 20250810 WA0000

पलारी, 10 अगस्त 2025: अविभाजित मध्यप्रदेश की पहली महिला सांसद ममतामयी मिनी माता की पुण्यतिथि 11 अगस्त को है। इस अवसर पर प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मिनी माता वात्सल्य, करुणा और त्याग की प्रतिमूर्ति थीं।
जीवन परिचय:
मिनी माता का जन्म 13 मार्च 1913 को असम में हुआ था। उनका बचपन का नाम मीनाक्षी देवी था। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा असम में और मैट्रिक तक की पढ़ाई छत्तीसगढ़ में पूरी की। उन्हें हिंदी, अंग्रेजी और बांग्ला भाषाओं का अच्छा ज्ञान था। वर्ष 1932 में उनका विवाह सतनामी समाज के धर्म गुरु अगमदास जी से हुआ और वह गुरु अगमदास जी के साथ छत्तीसगढ़ लौट आईं।
राजनीतिक और सामाजिक योगदान:
गुरु अगमदास जी के निधन के बाद, 1952 में मिनी माता ने राजनीति में प्रवेश किया और अविभाजित मध्यप्रदेश की पहली महिला सांसद बनीं। उन्होंने लगातार 1957, 1962 और 1967 में भी जांजगीर से सांसद का चुनाव जीता।
सांसद के रूप में, उन्होंने संसद में अस्पृश्यता बिल पेश कर छुआछूत को खत्म करने की पहल की। उन्होंने छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक कल्याण मंडल और छत्तीसगढ़ मजदूर कल्याण मंडल की स्थापना की। इसके अलावा, उन्होंने नारी शिक्षा, बाल विवाह और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए भी आवाज उठाई। हसदो बांगो परियोजना उनकी दूरदर्शिता का ही परिणाम है। भिलाई इस्पात संयंत्र में लोगों को प्रशिक्षण और रोजगार दिलाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान था।
असमय निधन:
11 अगस्त 1972 को भोपाल से दिल्ली जाते समय पालम हवाई अड्डे के पास एक विमान दुर्घटना में उनका दुखद निधन हो गया। मोहन बंजारे ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में उनकी प्रतिमा को वह सम्मान नहीं मिल पा रहा है, जिसकी वे हकदार थीं, यहाँ तक कि विधानसभा भवन का नामकरण उनके नाम पर करने का भी कोई अता-पता नहीं है।
उन्होंने मिनी माता के अमूल्य योगदान के लिए छत्तीसगढ़वासियों की ओर से कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें कोटि-कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।