नई दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दिया है। यह फैसला नए ITR फॉर्म्स में हुए बड़े बदलावों और ऑनलाइन यूटिलिटी की देरी को देखते हुए लिया गया है।
आयकर विभाग ने हाल ही में ITR-2 और ITR-3 फॉर्म्स के लिए एक्सेल यूटिलिटी जारी की है, जिससे सैलरी और कैपिटल गेन वाले करदाताओं को रिटर्न फाइल करने की सुविधा मिल गई है। हालांकि, इन फॉर्म्स के लिए ऑनलाइन यूटिलिटी का अभी भी इंतजार है।
फॉर्म में हुए प्रमुख बदलाव:
- नई टैक्स व्यवस्था डिफ़ॉल्ट: अब नई टैक्स व्यवस्था डिफ़ॉल्ट रूप से लागू होगी। यदि आप पुराने टैक्स रिजीम का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको इसे फाइलिंग के समय स्पष्ट रूप से चुनना होगा।
- सरल हुई रिपोर्टिंग: ITR-2 और ITR-3 फॉर्म भरने वाले करदाताओं के लिए अब संपत्ति और देनदारियों का विवरण देना तभी अनिवार्य है, जब उनकी कुल आय ₹1 करोड़ से अधिक हो। पहले यह सीमा ₹50 लाख थी।
- कैपिटल गेन की अलग जानकारी: फॉर्म में एक नया सेक्शन जोड़ा गया है, जहाँ आपको 23 जुलाई 2024 से पहले और बाद में हुई कैपिटल गेन की जानकारी अलग-अलग देनी होगी। यह बदलाव नए कर नियमों को देखते हुए किया गया है।
कर विशेषज्ञों के अनुसार, इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाना और पारदर्शिता बढ़ाना है। करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और अपने सभी ज़रूरी दस्तावेज़ जैसे कि फॉर्म 16, AIS और बैंक स्टेटमेंट के साथ जल्द से जल्द रिटर्न फाइल करें।

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