आरंग/अमसेना: शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर गुरु घासीदास जी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अमसेना (विकासखंड आरंग) ने इस वर्ष भी अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। विद्यालय का वार्षिक परीक्षा परिणाम न केवल शत-प्रतिशत रहा, बल्कि छात्र-छात्राओं के प्राप्तांकों ने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता पर मुहर लगा दी है।




मां सरस्वती की वंदना के साथ परिणाम का शंखनाद
परीक्षा परिणाम की घोषणा का भव्य आयोजन मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्रांगण में उत्साह और उमंग का वातावरण था, जहां छात्र-छात्राएं अपने साल भर की मेहनत का प्रतिफल जानने के लिए उत्सुक दिखाई दिए।
कक्षावार उत्कृष्ट प्रदर्शन की विस्तृत झलक
विद्यालय के विभिन्न संकायों और कक्षाओं के परिणामों ने शिक्षकों और अभिभावकों को प्रसन्नता से भर दिया है:
स्थानीय परीक्षाएं (कक्षा नवमी एवं ग्यारहवीं)
कक्षा नवमी: कुल परिणाम 72% रहा।
हुमानिया राय ने 83% अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया।
खुशबू डहरिया (82%) द्वितीय और यामिनी धृतलहरे तृतीय स्थान पर रहीं।
कक्षा ग्यारहवीं (कला): परिणाम 92% रहा।
सोनिया साहू (68.8%) प्रथम, तनुजा ओगरे (62.8%) द्वितीय और सुष्मिता मन्नाडे (61.4%) तृतीय स्थान पर रहीं।
कक्षा ग्यारहवीं (विज्ञान): परिणाम 100% रहा।
भूमिका बेलदार (68%) प्रथम, टामिन विश्वकर्मा (66.6%) द्वितीय और जास्मिन बंजारे (64.2%) तृतीय स्थान पर रहीं।
बोर्ड परीक्षाएं (कक्षा दसवीं एवं बारहवीं)
कक्षा दसवीं: 86.8% परिणाम के साथ छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया।
उषा सोनवानी ने 90.8% अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।
चांदनी नारंग (88%) द्वितीय और दीपिका नारंग (87%) तृतीय स्थान पर रहीं।
कक्षा बारहवीं (कला): परिणाम 88.8% रहा।
प्रीति बांधे (76.4%) प्रथम, करीना कन्नौजे (76%) द्वितीय और सुषमा बर्मन (74%) तृतीय स्थान पर रहीं।
कक्षा बारहवीं (विज्ञान): शत-प्रतिशत (100%) परिणाम रहा।
संगीता सोनवानी ने 90% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाया।
शिवांशु माण्डले द्वितीय और तनीषा डहरिया (86%) तृतीय स्थान पर रहीं।
“परीक्षा केवल अंकों का खेल नहीं, आत्म-मूल्यांकन है” – डॉ. दिलीप झा
परिणामों की घोषणा के पश्चात संस्था के प्राचार्य डॉ. दिलीप झा ने सफल विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एक अत्यंत प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा:
“वार्षिक परीक्षा परिणाम किसी भी छात्र के शैक्षिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ होता है। यह केवल एक वर्ष की कड़ी मेहनत का प्रतिफल नहीं है, बल्कि यह छात्र के भविष्य की दिशा तय करने वाला आधार स्तंभ है। परीक्षा हमें यह सिखाती है कि हमने कितना ज्ञान अर्जित किया है, लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण यह है कि यह हमें आत्म-मूल्यांकन का अवसर प्रदान करती है।”
उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए आगे कहा कि जीवन में दृढ़ संकल्प, निरंतरता और कड़ी मेहनत ही वह कुंजी है जो भविष्य में आने वाली बड़ी परीक्षाओं और चुनौतियों के लिए उन्हें तैयार करेगी। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
गरिमामयी उपस्थिति एवं प्रबंधन
कार्यक्रम का सफल संचालन व्यायाम शिक्षक भोजराम मनहरे द्वारा किया गया। इस ऐतिहासिक शैक्षणिक उपलब्धि के अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा, जिसमें:
डॉ. दिलीप झा (प्राचार्य), नरसिंह बंजारे, दिनेश तिवारी, बाराती लाल मंगेशकर, अमरदास जांगड़े, लक्ष्मण प्रसाद तिवारी, कवल हंसराज, मेहर सिंह रावते, भोजराम मनहरे, नंदकुमार ध्रुव, द्वारिका प्रसाद कुर्रे, जितेंद्र चंद्राकर, तेजेंद्र कुमार यदु, रूपेंद्र सिंह नेताम, विशाल रायचूरा, नरेश कटारे, कंचन ठाकुर एवं दीपा दुबे सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक शामिल हुए।

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