रायगढ़, 29 अगस्त 2025 – रायगढ़ (Raigarh) में चल रहे 40वें चक्रधर समारोह (Chakradhar Samaroh) के दूसरे दिन देशभर के कलाकारों ने अपनी शानदार कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर शास्त्रीय गायन, भारतनाट्यम, कथक, ओडिसी और लोकगीतों की अद्भुत प्रस्तुतियां देखने को मिलीं।

शास्त्रीय कलाओं का संगम:
- ध्रुपद गायन: दिल्ली से आए प्रख्यात गायक पंडित उदय कुमार मल्लिक ने अपनी मधुर और गूंजती ध्रुपद शैली से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- भरतनाट्यम: भिलाई की नृत्यांगना डॉ. राखी रॉय और उनकी टीम ने भगवान शिव, अर्धनारीश्वर और मां जननी पर आधारित भावपूर्ण भरतनाट्यम प्रस्तुत किया।
- कथक नृत्य: बिलासपुर की श्रीमती प्रियंका सलूजा ने अपनी भाव-भंगिमाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं रायगढ़ (Raigarh) की पूजा जैन और उनकी टीम ने जयपुर और लखनऊ घराने के टुकड़ों से समां बाँध दिया।
- ओडिसी नृत्य: रायगढ़ (Raigarh) की युवा कलाकार सुश्री राजनंदनी पटनायक और पूनम गुप्ता ने ओडिसी नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।

लोकसंगीत की बही धारा:
छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय लोकगायक श्री सुनील मानिकपुरी ने छत्तीसगढ़ी और झारखंडी लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

इन सभी कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने चक्रधर समारोह की गरिमा को और बढ़ाया और दर्शकों को एक अविस्मरणीय अनुभव दिया।

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