बारनवापारा, 23 अगस्त 2025: वन विभाग द्वारा बारनवापारा में पारंपरिक बांस कला और आभूषणों के निर्माण के लिए एक विशेष कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य कमार और बसोड जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।

बलौदाबाजार के वन मंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण असम (गुवाहाटी) के बांस कला विशेषज्ञों द्वारा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुल 36 लोग शामिल हैं। इनमें बल्दाकछार, ठाकुरदिया और बारनवापारा गांवों के लाभार्थी शामिल हैं।
यह पहल इन जनजातीय समुदायों को उनकी पारंपरिक कला के माध्यम से आजीविका के नए अवसर प्रदान करने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण के बाद, इन परिवारों द्वारा बनाए गए बांस के आभूषणों और शिल्पों को प्रदेश के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में भी बेचने की योजना है।

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