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अहमदाबाद विमान हादसा: प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा, टेकऑफ के तुरंत बाद ही बंद हो गए थे दोनों इंजन

air india boeing 787 crash

अहमदाबाद, गुजरात: 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (उड़ान संख्या AI 171) विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी की गई 15 पन्नों की इस रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दोनों इंजन, टेकऑफ के मात्र कुछ सेकंड बाद ही बंद हो गए थे, जिससे यह दुर्घटना हुई। इस भीषण हादसे में 241 लोगों सहित कुल 260 लोगों की जान चली गई थी, जबकि एक यात्री ही जीवित बच पाया था।

ईंधन स्विच कटऑफ होने की पुष्टि:

जांच में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि उड़ान भरने के तीन सेकंड बाद ही, विमान के दोनों इंजनों के ईंधन कंट्रोल स्विच ‘RUN’ (चालू) मोड से ‘CUTOFF’ (बंद) मोड में आ गए थे। यह स्विच केवल एक सेकंड के अंतराल में बंद हुए थे, जिसके कारण इंजनों की थ्रस्ट (शक्ति) अचानक कम हो गई और विमान हवा में ही निष्क्रिय हो गया।

कॉकपिट में भ्रम की स्थिति:

रिपोर्ट में कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) से मिली बातचीत का भी खुलासा हुआ है। इसमें एक पायलट दूसरे से पूछता है, “तुमने ईंधन क्यों बंद किया?” जिस पर दूसरा पायलट जवाब देता है, “मैंने ऐसा नहीं किया।” इस बातचीत से पता चलता है कि यह कार्रवाई किसी एक पायलट द्वारा जानबूझकर नहीं की गई थी, जिससे एक रहस्यमय स्थिति पैदा हो गई।

बचने का मौका नहीं मिला:

रिपोर्ट के अनुसार, पायलटों ने इंजनों को फिर से चालू करने का प्रयास किया था। एक इंजन ने रिकवरी के संकेत दिखाए, लेकिन दूसरे इंजन ने ऐसा नहीं किया। इसके अलावा, विमान उस समय बहुत कम ऊंचाई पर था (केवल 32 सेकंड हवा में रहा था), जिससे पायलटों को इंजन को दोबारा शुरू करने और नियंत्रण पाने का पर्याप्त समय नहीं मिला। विमान हवाई अड्डे के पास एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

आगे की जांच जारी:

AAIB ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में फिलहाल बोइंग या एयरलाइन के लिए किसी भी तरह की कार्रवाई की सिफारिश नहीं की है। जांच दल विमान के ब्लैक बॉक्स से मिले डेटा का विश्लेषण कर रहा है और यह समझने की कोशिश कर रहा है कि आखिर ये स्विच अपने आप कैसे बंद हो गए। इस हादसे ने भारत के नागरिक उड्डयन इतिहास में एक दुखद अध्याय जोड़ दिया है और विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।