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अब घर बैठे पाएं धान बेचने का टोकन: ‘तुहर टोकन’ ऐप से किसानों को मिली बड़ी राहत!

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तुहर टोकन मोबाइल एप: धान बेचने की प्रक्रिया को बनाएगा आसान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! अब उन्हें धान बेचने के लिए समितियों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 से किसानों की सुविधा के लिए ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ लॉन्च किया है। यह अभिनव पहल किसानों को घर बैठे ही धान बिक्री के लिए टोकन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बचेगा।

किसानों को होने वाले लाभ

‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ किसानों के जीवन में कई सकारात्मक बदलाव लाएगा। पहले, किसानों को टोकन प्राप्त करने के लिए अक्सर सुबह जल्दी उठकर समितियों में जाना पड़ता था और घंटों इंतजार करना पड़ता था। इस नई प्रणाली से वे अपने स्मार्टफोन के जरिए कभी भी, कहीं भी टोकन के लिए आवेदन कर सकेंगे।

  • समय की बचत: लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी, किसान अपने समय का सदुपयोग अन्य कृषि कार्यों में कर सकेंगे।
  • सुविधाजनक पहुँच: इंटरनेट कनेक्शन वाले किसी भी स्मार्टफोन से घर बैठे आवेदन किया जा सकेगा।
  • पारदर्शिता: टोकन वितरण प्रणाली में अधिक पारदर्शिता आएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
  • परेशानी से मुक्ति: शारीरिक रूप से समितियों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी, विशेषकर दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए यह बहुत फायदेमंद है।

‘तुहर टोकन’ ऐप कैसे करेगा काम?

यह मोबाइल एप किसानों के लिए एक सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफ़ेस के साथ डिज़ाइन किया गया है। किसानों को केवल कुछ आसान चरणों का पालन करना होगा:

पंजीकरण और लॉगिन

जो किसान पहले से धान पंजीयन पोर्टल पर पंजीकृत हैं, वे अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग करके इस एप पर लॉगिन कर सकते हैं। नए किसानों को पहले पंजीयन पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। लॉगिन करने के बाद, किसान अपने सभी पंजीकृत विवरण जैसे खसरा नंबर, रकबा, और धान की अनुमानित मात्रा देख पाएंगे।

टोकन के लिए आवेदन

लॉगिन करने के बाद, किसान उस तिथि और समिति का चयन कर सकेंगे जिस पर वे अपना धान बेचना चाहते हैं। एप उपलब्ध स्लॉट प्रदर्शित करेगा और किसान अपनी सुविधानुसार चयन कर सकेंगे। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद, उन्हें एक डिजिटल टोकन प्राप्त होगा जिसमें धान बेचने की तिथि, समय और समिति का विवरण होगा।

टोकन का सत्यापन

किसान जब अपनी टोकन वाली तिथि पर निर्धारित सहकारी समिति में धान बेचने जाएंगे, तो वहां उनके डिजिटल टोकन का सत्यापन किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी, जिससे त्रुटियों की संभावना कम हो जाएगी।

डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने और किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल किसानों के लिए धान बिक्री की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।

भविष्य की संभावनाएं

यह एप भविष्य में अन्य कृषि संबंधी सेवाओं को एकीकृत करने का मार्ग भी प्रशस्त कर सकता है, जैसे कि उर्वरक और बीज वितरण, सरकारी योजनाओं की जानकारी, और मौसम संबंधी अलर्ट। इस तरह की पहलें कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देती हैं और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद करती हैं। छत्तीसगढ़ के किसान अब घर बैठे ही अपनी उपज बेचने के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी और समय की भी बचत होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ का उपयोग कौन कर सकता है?

A: छत्तीसगढ़ के वे सभी किसान जो धान पंजीयन पोर्टल पर पंजीकृत हैं, इस एप का उपयोग कर सकते हैं।

Q2: क्या इस एप को उपयोग करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन आवश्यक है?

A: हाँ, एप का उपयोग करने और टोकन के लिए आवेदन करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन आवश्यक होगा।

Q3: क्या मैं एक ही मोबाइल नंबर से कई किसानों के लिए टोकन बुक कर सकता हूँ?

A: यदि वे सभी किसान उस मोबाइल नंबर से पंजीकृत हैं, तो हाँ, यह संभव हो सकता है। सटीक जानकारी के लिए दिशानिर्देश देखें।

Q4: यदि मुझे टोकन बुक करने में कोई समस्या आती है तो मुझे क्या करना चाहिए?

A: आप खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या अपनी निकटतम सहकारी समिति से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।