रायपुर, 24 सितंबर 2025 – छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी को पुख्ता बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत एग्री स्टैक डिजिटल क्रॉप सर्वे/भुईंया सॉफ्टवेयर में दर्ज फसल प्रविष्टियों का 5 प्रतिशत रैंडम सत्यापन मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। इस कार्य को तीन स्तरों पर किया जाएगा, जिसमें पटवारी, आर.आई., ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और पंचायत सचिव जैसे फील्ड अधिकारी शामिल होंगे।
इसी संबंध में, आज रायपुर जिले में अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संबंधित अधिकारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे के सत्यापन के तरीकों और समय-सीमा से अवगत कराना था। अपर कलेक्टर ने बताया कि प्रथम चरण में चयनित खसरों का सत्यापन कलेक्टर द्वारा नामित राजस्व और कृषि विभाग के फील्ड अधिकारी करेंगे। यदि किसी भी प्रविष्टि में कोई गलती पाई जाती है, तो उसे 31 अक्टूबर 2025 तक भौतिक सत्यापन के आधार पर सुधारना होगा।
अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि रायपुर जिले में कुल 53 हजार खसरों का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए 15 अक्टूबर तक की समय-सीमा तय की गई है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इस कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। इस कार्यक्रम में जिले के पटवारी, आर.आई. और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
इस पहल से न केवल फसल संबंधी डेटा की सटीकता बढ़ेगी, बल्कि यह सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी कि सरकार की योजनाएं और सहायता सही पात्रों तक पहुंचे। यह कदम डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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