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डॉ. दिलीप झा ने अमसेना स्कूल में प्राचार्य का कार्यभार ग्रहण किया: कहा- शिक्षक और शिक्षार्थी हैं विद्यालयीन जीवन का मुख्य आधार

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राज्य शासन द्वारा प्राचार्य पदोन्नति किए जाने के क्रम में, डॉ. दिलीप झा ने गुरु घासीदास जी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अमसेना (विकासखंड आरंग, जिला रायपुर) में नव नियुक्त प्राचार्य के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इससे पूर्व, डॉ. झा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, त्रिमूर्ति नगर, रायपुर में कार्यरत थे।

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भव्य और आत्मीय स्वागत


नव नियुक्त प्राचार्य डॉ. दिलीप झा के कार्यभार ग्रहण करने पर संस्था के सभी कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं द्वारा उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।


* स्वागत समारोह का नेतृत्व व्यायाम शिक्षक भोजराम मनहरे ने किया।
* कर्मचारियों और छात्रों ने डॉ. झा को गुलाल लगाकर, पुष्पहार, शॉल, श्रीफल एवं डायरी भेंटकर उनका स्वागत किया।


शिक्षक-शिक्षार्थी हैं एक साइकिल के दो पहिए


प्राचार्य डॉ. दिलीप झा ने कर्मचारियों और विद्यार्थियों का अभिनंदन स्वीकार करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि “विद्यालयीन जीवन का मुख्य आधार शिक्षक तथा शिक्षार्थी होते हैं”।


उन्होंने इन दोनों को एक-दूसरे का पूरक बताया, ठीक वैसे ही जैसे एक साइकिल में आगे और पीछे के पहिए का एक समान महत्व होता है। डॉ. झा ने कहा कि दोनों का सही क्रियाशील होना आवश्यक होता है, अन्यथा साइकिल का चलना मुश्किल हो जाएगा, इसी तरह शिक्षण संस्था में शिक्षक और शिक्षार्थी होते हैं।


उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों के प्रति उनका विचार एवं व्यवहार ही उन्हें शिक्षक से जोड़ता है।


सर्वांगीण विकास का आश्वासन


अंत में, डॉ. झा ने दूरस्थ ग्रामों से आने के बावजूद छात्रों की अधिकतम उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति लगन की प्रशंसा की। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी एवं संस्था के सर्वांगीण विकास में मिलकर कार्य करने तथा हर संभव सहयोग करते हुए अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए सभी को आश्वस्त किया।


संस्था के वरिष्ठ व्याख्याता दिनेश तिवारी ने शाला परिवार की ओर से डॉ. दिलीप झा का विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने पर आभार व्यक्त किया।


इस अवसर पर वरिष्ठ व्याख्याता नरसिंह बंजारे, भोजराम मनहरे, अमरदास जांगड़े, बरातीलाल मंगेशकर, कवल प्रसाद हंसराज, जितेंद्र चंद्राकर, मेहर सिंह रावते, रूपेंद्र नेताम, तेजेंद्र कुमार यदु, विशाल कुमार रायचूरा, दीपा दुबे, कंचन ठाकुर, नंदकुमार ध्रुव, द्वारिका प्रसाद कुर्रे, तेजकुमार साहू, हरिश्चंद्र यादव, सूरज ढीढी, जितेंद्र डहरिया, राम कुमार साहू के अलावा समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।