खरोरा, 23 जुलाई 2025: रियल लाइफ पब्लिक स्कूल खरोरा में आज छत्तीसगढ़ का पहला पारंपरिक त्योहार हरेली बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बच्चे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में सजे-धजे स्कूल पहुंचे, जिससे पूरे वातावरण में त्योहार का रंग बिखर गया।




स्कूल में बच्चों के लिए विविध नृत्य और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बच्चों ने पारंपरिक हरेली गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक खेलों में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिनमें गेड़ी, रस्सी कूद, फुगड़ी, बाटी, भौरा और गोटा जैसी प्रतियोगिताएं प्रमुख रहीं।

स्कूल के संस्थापक एवं प्रधानाचार्य राघवेंद्र गोस्वामी ने बच्चों को हरेली त्योहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह त्योहार कृषि के विकास, उन्नति और हरियाली का प्रतीक है। इसे हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है और यह छत्तीसगढ़ का पहला त्योहार है जो पूरी तरह से खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। इस दिन किसान अपने कृषि औजारों जैसे नागर, गैंती, कुदारी, रपली, हसिया, टंगिया आदि की पूजा करते हैं, जो उनके जीवन में इन उपकरणों के महत्व को दर्शाता है।

त्योहार की पारंपरिक मान्यताएं:
गोस्वामी जी ने बताया कि हरेली के दिन गृहिणियां विशेष रूप से चीला बनाती हैं। गाय-बैलों को लोंदी खिलाकर उनकी पूजा की जाती है, जो पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है। घरों में नीम की टहनियां लगाने की परंपरा भी है। ऐसा माना जाता है कि बरसात के मौसम में छोटे-छोटे कीटाणु और जीवाणु घर के भीतर प्रवेश करते हैं, और नीम के पत्ते उन्हें रोकने में मदद करते हैं।

इस अवसर पर, राघवेंद्र गोस्वामी ने सभी बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विकास ठाकुर (वरिष्ठ भाजपा नेता), तामेश्वर मरकाम (पार्षद नपं खरोरा), देव देवांगन (युवा समाजसेवी) उपस्थित थे।

शिक्षकों में ममता भारद्वाज, जागृति वर्मा, शिवानी दीवान, रोशनी सारथी, फातिमा खान, जैनब भारद्वाज, निशा बंजारे, प्रीति डहरिया, देव डहरिया सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। बच्चों में चैतन्य कुंभकार, लिटिका पंसारी, ख्याति कुंभकर, मोक्ष कोसरे, दीक्षा गिलहरे, नव्या साहू, मानवेन्द्र टंडन, पुलकित साहू, आज्ञा शर्मा, पीयूषी टंडन, भूमिका गिलहरे, प्रियंका गिलहरे, मिथलेश देवांगन, हर्ष देवांगन, नव्या मानिकपुरी, सिद्धि साहू सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने मिलकर इस त्योहार को यादगार बनाया।

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