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छत्तीसगढ़ में किसान रजिस्ट्री: डिजिटल सशक्तिकरण की ओर एक कदम

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रायपुर, 17 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और प्रभावी ढंग से उन तक पहुँचाने के उद्देश्य से ‘किसान रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) एक महत्वपूर्ण पहल बन गई है। यह भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए विकसित ‘एग्रीस्टैक’ (AgriStack) नामक एक बड़े डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा है।

क्या है किसान रजिस्ट्री?

किसान रजिस्ट्री एक ऑनलाइन सरकारी डेटाबेस है जहाँ किसानों से संबंधित सभी जानकारी डिजिटल रूप में संग्रहीत की जाती है। इसका मुख्य लक्ष्य किसानों के लिए एक संपूर्ण डेटाबेस बनाना है जिसमें उनकी पहचान, भूमि रिकॉर्ड, आय, ऋण, फसल की जानकारी और बीमा इतिहास जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल हो। यह डेटाबेस सरकार को यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि किसानों को सम्मान निधि योजना, फसल बीमा, धान की खरीद के लिए उचित मूल्य, उर्वरक खरीद और अन्य सरकारी योजनाओं जैसे लाभ समय पर और बिना किसी परेशानी के मिलें।

पंजीकरण प्रक्रिया और लाभ:

किसान इस रजिस्ट्री में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा, एक किसान स्वयं-पंजीकरण प्रक्रिया भी उपलब्ध है, जहाँ किसान मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल का उपयोग करके आधार-आधारित eKYC के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद, किसानों को एक अद्वितीय ‘किसान आईडी’ (Farmer ID) प्रदान की जाती है।

इस रजिस्ट्री के कई लाभ हैं:

  • पारदर्शिता और दक्षता: यह सरकारी योजनाओं और लाभों को सही लाभार्थियों तक कुशलतापूर्वक पहुंचाने में मदद करता है, पारदर्शिता बढ़ाता है और कृषि सब्सिडी, बीमा तथा अन्य सहायता प्रणालियों के वितरण को सुव्यवस्थित करता है।
  • सीधा लाभ हस्तांतरण: बिचौलियों के बिना धन सीधे बैंक खातों में स्थानांतरित होता है।
  • डिजिटल प्रणाली: किसानों को बार-बार कागजी कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं होती है, एक बार नाम जुड़ने के बाद उन्हें हर सरकारी योजना का लाभ मिलता रहता है।
  • समय और प्रयास की बचत: किसान सरकारी कार्यालय जाए बिना घर बैठे या निकटतम CSC केंद्र से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
  • सटीक जानकारी: सरकार को यह जानने में मदद मिलती है कि किस किसान को किस योजना का अधिकार है, जिससे बेहतर नीति निर्माण संभव होता है।
  • आपदा राहत: सूखे, बाढ़, ओलावृष्टि या बीमारी से फसल क्षतिग्रस्त होने पर सरकार सीधे किसान के बैंक में मुआवजा जमा कर सकती है।
  • फसल बीमा और धान खरीद: फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान या अन्य फसलें बेचने में आसानी होती है।

नवीनतम अपडेट:

हाल ही में यह भी जानकारी सामने आई है कि खरीफ 2025 से, प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत गैर-ऋणी किसानों के लिए एग्रीस्टैक फार्मर आईडी (FID) अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम धोखाधड़ी और ओवर-बीमा से बचने के साथ-साथ दावों के त्वरित निपटान और एक पारदर्शी बीमा प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल किसानों के डेटा को सुरक्षित रूप से ऑनलाइन संग्रहीत करके कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों को विभिन्न सरकारी लाभों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।