रायपुर, [26 अक्टूबर 2025] – छत्तीसगढ़ में नवीन विधानसभा भवन के उद्घाटन की तैयारी के बीच, समस्त सतनामी समाज छत्तीसगढ़ ने राज्य सरकार से एक महत्वपूर्ण अपील की है। सतनामी समाज छत्तीसगढ़ युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कमल कुर्रे ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर निवेदन किया है कि नया विधानसभा भवन अविभाजित मध्यप्रदेश की प्रथम महिला सांसद ममतामई मिनीमाता जी के नाम पर यथावत रखा जाए।
कमल कुर्रे ने कहा कि मिनीमाता जी किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। वे एकमात्र ऐसी राजनेत्री और समाज सेविका हैं, जिनके नाम व कार्यों का स्मरण केवल सतनामी समाज ही नहीं, बल्कि सर्व समाज और सर्व राष्ट्रीय पार्टी करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा हो, कांग्रेस हो या बहुजन, सभी पार्टी आज भी उनके योगदान को सम्मानपूर्वक याद करती हैं।
जातिवादी मानसिकता से नाम हटाने की कोशिश का आरोप
प्रेस विज्ञप्ति में पूर्व छत्तीसगढ़ सरकार पर मिनीमाता के नाम से जुड़ी संस्थाओं से नाम हटाने का आरोप लगाया गया। कमल कुर्रे ने दावा किया कि पूर्व सरकार द्वारा पंडरी स्थित पुराना राष्ट्रीय बस स्टैंड को भाठागांव में स्थापित करने के बाद उसका नाम हटा दिया गया। इसके अलावा, बांगो बांध जलाशय, जो मिनीमाता जी की अमिट निशानी है, उसे भी हटाने के भरपूर प्रयास किए गए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा, जो पहले माता जी के नाम पर रहा था, उसे हटाने की मंशा से अपने आकाओं के नाम अंकित किए गए, लेकिन माता जी का नाम नहीं दिया गया। उन्होंने इस कृत्य को जातिवादी मानसिकता को दर्शाने वाला बताया।
राज्य स्थापना दिवस पर नामकरण की मांग
कमल कुर्रे ने वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार से निवेदन किया है कि 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के 25वें वर्षगांठ के अवसर पर जब नवीन विधानसभा भवन का उद्घाटन किया जाए, तो भवन का नाम यथावत ममतामई मिनीमाता के नाम पर रखा जाए।
उन्होंने यह अपील मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय जी, उपमुख्यमंत्री माननीय विजय शर्मा जी और अरुण साव जी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी, और अनुसूचित जाति अध्यक्ष नेता व कैबिनेट मंत्री माननीय गुरु खुशवंत साहेब जी से की है।

संबंधित समाचार
रायपुर में प्रतिभाओं का महाकुंभ: ‘समाज गौरव सम्मान 2026’ में गूंजा संस्कृति और सामाजिक समरसता का स्वर
छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक: विक्रम राय गुरुजी ने की 2% DA की मांग, कहा- महंगाई में कर्मचारियों को मिले राहत
आकार-2026: रायपुर में 25 मई से शुरू होगा पारंपरिक शिल्प और कला प्रशिक्षण शिविर, ऐसे करें पंजीयन