बलौदाबाजार, 17 मार्च 2026 – छत्तीसगढ़ में गर्मी की दस्तक के साथ ही बलौदाबाजार जिले में जल संकट गहराने लगा है। गिरते भूजल स्तर और सूखते तालाबों को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता एवं समन्वयक संघ के प्रांताध्यक्ष विक्रम राय ने शासन-प्रशासन से गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) से तत्काल पानी छोड़ने की पुरजोर मांग की है।
तालाब सूखे, बोरवेल भी दे रहे जवाब
विक्रम राय ने जिले की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी तो गर्मी की शुरुआत ही हुई है और जिले के अधिकांश तालाबों की स्थिति दयनीय हो गई है।
सूखते जल स्रोत: ग्रामीण क्षेत्रों के कई तालाब पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे न केवल निस्तारी बल्कि पशुओं के लिए भी पानी का संकट खड़ा हो गया है।
गिरता वाटर लेवल: लगातार बढ़ती गर्मी के कारण गांवों में लगे बोरवेल भी जवाब देने लगे हैं। जलस्तर तेजी से नीचे जाने के कारण आने वाले दिनों में भीषण पेयजल संकट की आहट सुनाई दे रही है।
भूजल स्तर सुधारने के लिए नहरों में पानी जरूरी
विक्रम राय ने प्रशासन को सुझाव देते हुए कहा कि यदि गंगरेल बांध से नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा जाता है, तो वह नहरों के माध्यम से जिले के विभिन्न जल स्रोतों तक पहुंचेगा।
तालाबों का पुनर्भरण: नहरों से पानी मिलने पर तालाब फिर से भर जाएंगे।
भूजल स्तर (Groundwater Level) में सुधार: तालाबों में पानी रहने से आसपास के बोरवेल और कुओं का जलस्तर बढ़ेगा।
पशुधन की रक्षा: ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों के लिए पीने के पानी की समस्या का समाधान होगा।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील
विक्रम राय ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से अपील की है कि वे इस स्थिति को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा:
“पानी की कमी का सीधा असर आम नागरिक के जीवन, पशुधन और कृषि कार्यों पर पड़ रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो अप्रैल-मई की गर्मी में स्थिति अनियंत्रित हो सकती है।”
उन्होंने मांग की है कि प्रशासन बिना विलंब किए गंगरेल बांध से पानी छोड़ने की योजना तैयार करे ताकि जिले की जनता को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके।

1 ने “बलौदाबाजार में जल संकट: विक्रम राय ने की गंगरेल बांध से पानी छोड़ने की मांग, सूखते तालाबों पर जताई चिंता” पर विचार किया;
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