गिरौदपुरी, 29 जुलाई 2025: सतनाम पंथ धर्म के देश भर के विभिन्न मतावलंबियों का एकीकरण और सतनाम धर्म की मान्यताओं पर गहन विचार-विमर्श हेतु 28 जुलाई 2025 को राष्ट्रीय सतनामी समाज संगोष्ठी का भव्य आयोजन सतनाम धर्मशाला, मंड़वा (गिरौदपुरी धाम) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस संगोष्ठी में देश के सात राज्यों के समाज प्रमुखों की गरिमामयी उपस्थिति ने इसे एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
यह संगोष्ठी प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के शपथग्रहण एवं प्रतिभावान छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह में उपस्थित होने आए विभिन्न राज्यों के खास मेहमानों के गिरौदपुरी धाम भ्रमण के बाद आयोजित की गई। 28 जुलाई को सभी अतिथियों ने बाबा गुरू घासीदास जी के मुख्य मंदिर में मत्था टेककर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब जी अपने समर्थकों सहित गुरु वंदना और आरती पूजा में सम्मिलित हुए। सभी आगंतुकों को गगनचुंबी जैतखाम के दर्शन भी कराए गए।
प्रमुख उपस्थितगण:
इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में देश के सात राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, असम और उड़ीसा—से सतनामी समाज के प्रमुख पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों से भी बड़ी संख्या में समाजजन इस आयोजन में शामिल हुए।
प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रमुख पदाधिकारियों में एस आर बांधे जी, प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे, कोषाध्यक्ष श्याम जी टांडे, उपाध्यक्ष डॉ दिनेश लाल जांगड़े, श्रीमती सुशीला जोशी, युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप श्रृंगी, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष अंजलि बरमाल, दिनेश लहरे, अशोक बंजारे, जितेन्द्र आजाद, अश्वनी बबलू त्रिवेन्द्र, पं जोशी, श्रीमती निशा ओग्रे, रजनी डांडे, द्रौपती जोशी, श्याम लाल सितारे, वीरेंद्र अजगले, नोहर सिंह धिरही, जय बहादुर बंजारे, रमेश बंजारे, भानू खुंटे, भोजाराम मनहरे, विक्रम राय, नीलकमल आजाद और रेवत लाल ढीढी सहित रायपुर, भिलाई एवं प्रदेश भर से समाज प्रमुख गण उपस्थित थे।
रात्रि में सतनाम धर्मशाला में भोजनोपरांत संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें एस.आर. बॉंधे (रायपुर), एच.आर. पाटले (मुंबई), ज्योति लाल बंजारे (ओडिशा), सुरेश कुमार बंजारे (ओडिशा), डॉ. स्वामी राम बंजारे (कांकेर), बी.आर. खड़बंधे (रायगढ़), सी.पी. भरतद्वाज (भोपाल), खेमराज सिंह लहरे (भोपाल), मन्नूलाल चतुर्वेदी (कोंडागॉंव), सी.एल. रात्रे (रायपुर), राकेश नारायण बंजारे (रायगढ़), तोरन लक्ष्मी (रायगढ़), खेतलाल ढीढ़ी (दुर्ग) और केशव प्रसाद जोल्हे जैसे सम्मानित समाज सेवियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।

प्रमुख चर्चा बिंदु और मांगें:
संगोष्ठी में समाज के समक्ष मौजूद समसामयिक चुनौतियों, सामाजिक जागरूकता, शिक्षा के प्रसार, संगठनात्मक सुदृढ़ता एवं भविष्य की दिशा पर विस्तृत रूप से विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने सतनामी समाज की एकता, आत्मबल और सामाजिक भूमिका को सशक्त बनाने हेतु सार्थक सुझाव दिए।
सभी ने एक स्वर में राज्य एवं केंद्र सरकार से अपील करते हुए बाबा गुरु घासीदास जी की जन्म एवं कर्मभूमि गिरौदपुरी धाम को रेल लाईन से जोड़ने की महत्वपूर्ण मांग रखी।
यह संगोष्ठी समाज के उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर सतनामी समाज को नई ऊर्जा, दिशा और नेतृत्व मिलने की उम्मीद है।

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