आरंग, 18 जनवरी 2026 – त्याग, तपस्या और धर्मपरायणता के प्रतीक महान राजा मोरध्वज की स्मृति में आयोजित दो दिवसीय ‘राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026’ का शुक्रवार को भव्य और गरिमामय समापन हुआ। इस महोत्सव ने न केवल आरंग की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया, बल्कि नई पीढ़ी को नैतिक मूल्यों से जोड़ने का एक सफल प्रयास भी किया।







मुख्यमंत्री की आरंग को बड़ी सौगातें
महोत्सव के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित घोषणाएं कीं:
तहसील का दर्जा: समोदा उप तहसील को अब पूर्ण तहसील बनाया जाएगा और वहां पूर्णकालिक तहसीलदार की नियुक्ति होगी।

शासकीय अनुदान: मोरध्वज महोत्सव के लिए वार्षिक अनुदान ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख किया गया।



अधोसंरचना विकास: क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर (Sports Complex) और अन्य विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का आश्वासन।
मुख्यमंत्री ने रेत कलाकार श्री हेमचंद साहू को उनकी दिव्य कलाकृतियों (श्रीकृष्ण, श्रीराम और बाबा बागेश्वरनाथ) के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया।



आध्यात्मिक शुरुआत और सांस्कृतिक संगम
महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ हुई:
- पूजा-अर्चना: कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बाबा बागेश्वर नाथ मंदिर में प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
- धार्मिक अनुष्ठान: सुबह माता गायत्री का भव्य यज्ञ-हवन संपन्न हुआ।
- छात्रों की प्रतिभा: दोपहर में स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों ने देशभक्ति और लोक संस्कृति पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
- लोकगाथा: साजा (देउर गांव) के कलाकारों द्वारा लोरीक-चंदा की जीवंत प्रस्तुति दी गई।
- भव्य झांकी: धमतरी से आई राजा मोरध्वज के जीवन पर आधारित झांकी ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
ऐतिहासिक कवि सम्मेलन: डॉ. कुमार विश्वास ने बांधा समां
महोत्सव का सबसे प्रतीक्षित क्षण रात्रिकालीन कवि सम्मेलन रहा। प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास के साथ अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया: - डॉ. कुमार विश्वास: अपनी विशिष्ट शैली और कविताओं से राष्ट्रीयता और प्रेम का संदेश दिया।
- रोहित शर्मा: हास्य रस की फुहारें छोड़ीं।
- साक्षी तिवारी: श्रृंगार रस की सुमधुर कविताएं।
- दिनेश बावरा: हास्य और व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर।
- विनीत चौहान: वीर रस की ओजस्वी कविताओं से जोश भरा।

“राजा मोरध्वज केवल इतिहास के पात्र नहीं, बल्कि त्याग और जनकल्याण की जीवंत परंपरा हैं। उनका जीवन सुशासन और सामाजिक समरसता का मार्ग दिखाता है।”
— मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
आयोजन के संयोजक कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने महोत्सव की सफलता के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी नागरिकों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

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