मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिले में ‘मेरा गांव, मेरी पहचान’ परियोजना की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत, जिले के 80 से अधिक गांवों का चयन कर उन्हें आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में, इन गांवों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।

इस परियोजना के अंतर्गत, आरंग के ग्राम राखी को विशेष रूप से महिला हितैषी ग्राम के रूप में चुना गया है। महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर को इस गांव का क्रियान्वयन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
ग्राम राखी में चल रही प्रमुख पहलें:
- बाल विवाह मुक्त: गांव को बाल विवाह से मुक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
- कुपोषण मुक्त: बच्चों और महिलाओं में कुपोषण को खत्म करने के लिए पोषण संबंधी कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, जैसे ‘हर घर मुनगा अभियान’।
- घरेलू हिंसा मुक्त और नशा प्रतिषेध: गांव में घरेलू हिंसा और नशे को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ: इस अभियान के तहत, किशोरियों के लिए कौशल विकास और कानूनी अधिकार कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जिसमें व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य पर जोर दिया गया है।
अब तक गांव में बाल विवाह रोकथाम कार्यशालाएं और बाल संदर्भ शिविर जैसे कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। इस परियोजना के तहत ग्राम राखी को एक आदर्श गांव के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया है।

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