रायपुर, 14 जून 2026 – विश्व रक्तदाता दिवस के पावन अवसर पर आज राजभवन रायपुर में एक भव्य और गरिमामयी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं राज्य रेड क्रॉस के अध्यक्ष द्वारा प्रदेश के 100 से अधिक उत्कृष्ट रक्तदाताओं, शिविर आयोजकों और स्वास्थ्य कर्मियों को उनके अनुकरणीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।


राजभवन में जुटे सेवा के अग्रदूत
समारोह में रायपुर जिले सहित प्रदेशभर से मानवता की सेवा में जुटे विभिन्न घटकों ने शिरकत की, जिन्हें राज्यपाल के कर-कमलों से सम्मान प्राप्त हुआ:
संस्थाओं का योगदान: रायपुर जिले की विभिन्न औद्योगिक संस्थाएं, कॉलेज, स्वयंसेवी व सामाजिक संस्थाएं।
विशेष सहभागिता: देश की सेवा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में अग्रणी रहने वाला सैनिक कल्याण बोर्ड।
अग्रणी रक्तदाता: प्रदेश के ऐसे जागरूक नागरिक जिन्होंने अपने जीवन में रिकॉर्ड या सर्वाधिक बार स्वैच्छिक रक्तदान किया है।
कोरोना वॉरियर्स व डॉक्टर्स: ब्लड सेंटर्स में अपनी सेवाएं दे रहे समर्पित चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी।

“रक्त का कोई विकल्प नहीं, यह केवल दान से ही संभव” – राज्यपाल
समारोह को संबोधित करते हुए महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रक्तदान के वैज्ञानिक और सामाजिक महत्व पर अत्यंत प्रेरणादायी विचार रखे।
“आज विज्ञान और तकनीक ने अभूतपूर्व प्रगति कर ली है, लेकिन मानव रक्त (Blood) का कोई दूसरा कृत्रिम या जैविक विकल्प अभी तक तैयार नहीं किया जा सका है। इसका सीधा अर्थ है कि किसी की जिंदगी बचाने के लिए रक्त की आपूर्ति केवल और केवल मानवीय दान से ही संभव है।”

राज्यपाल के उद्बोधन के मुख्य बिंदु और गाइडलाइंस:
स्वस्थ और चुस्त रहते हैं रक्तदाता: राज्यपाल ने अपने जीवन के व्यक्तिगत उदाहरण साझा करते हुए बताया कि नियमित रक्तदान करने वाले लोग सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा स्वस्थ, चुस्त-दुरुस्त और मस्त रहते हैं।
रक्तदाता ही हैं ब्रांड एम्बेसडर: उन्होंने निरंतर बिना किसी स्वार्थ (अवैतनिक) के स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि हमारे रक्तदाता ही समाज के असली ‘ब्रांड एम्बेसडर’ और प्रेरणास्रोत हैं।
कौन और कितनी बार कर सकता है रक्तदान?
पुरुष: एक सामान्य स्वस्थ पुरुष वर्ष में 4 बार रक्तदान कर सकता है।
महिला: एक स्वस्थ महिला वर्ष में 3 बार रक्तदान कर सकती है।
आयु सीमा: 18 वर्ष से लेकर 65 वर्ष की आयु तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति स्वैच्छिक रक्तदान कर सकता है।
वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण आयोजन में राजभवन और स्वास्थ्य जगत के कई शीर्ष अधिकारी व कर्मचारी गवाह बने:
श्री सी.आर. प्रसन्ना: राज्यपाल के निज सचिव।
रेड क्रॉस के प्रतिनिधि: राज्य रेड क्रॉस के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव तथा राज्य एवं जिला स्तर के सभी सम्मानित प्रतिनिधि।
चिकित्सकीय टीम: इंडियन रेड क्रॉस ब्लड सेंटर और डी.के.एस. (DKS) हॉस्पिटल रायपुर के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

संबंधित समाचार
इंडोर स्टेडियम रायपुर में मछुआरा समाज का महाकुंभ: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में 90 विधानसभा अध्यक्षों ने ली शपथ
रायपुर में प्रतिभाओं का महाकुंभ: ‘समाज गौरव सम्मान 2026’ में गूंजा संस्कृति और सामाजिक समरसता का स्वर
छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक: विक्रम राय गुरुजी ने की 2% DA की मांग, कहा- महंगाई में कर्मचारियों को मिले राहत