छत्तीसगढ़ में आज राजभाषा दिवस के अवसर पर संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री शामिल हुए, जहाँ उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा जल्दी ही संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल होगी।
संस्कृति मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार को अब पूरी तैयारियों के साथ प्रस्ताव भेजकर इस प्रक्रिया को जल्दी ही पूरा किया जाएगा।
13 पुस्तकों का विमोचन, मेहर समाज के लिए गौरव
कार्यक्रम के दौरान, संस्कृति मंत्री ने छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखी गई 13 पुस्तकों का विमोचन किया।
इन्हीं विमोचित पुस्तकों में से एक है श्री बलराम मिरझा द्वारा लिखित पुस्तक ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’। इस पुस्तक का उद्देश्य संत शिरोमणि गुरु रविदास के वचनों को सरल और सहज रूप से समाज तक पहुँचाना है। इस विशिष्ट प्रकाशन को छत्तीसगढ़ मेहर समाज के लिए गौरव का विषय बताया गया।

कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति
राजभाषा दिवस के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई विधायक, कलाकार और साहित्य जगत की हस्तियाँ उपस्थित रहीं:
विधायक: श्री पुरंदर मिश्रा और पद्मश्री श्री अनुज शर्मा।
कला एवं साहित्य जगत: फिल्म विकास निगम अध्यक्ष मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी अध्यक्ष शशांक शर्मा।
प्रशासनिक अधिकारी: संचालक संस्कृति एवं राजभाषा विवेक आचार्य, और राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार।

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