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बस्तर में 200 करोड़ की लागत से बनेगा हाई-टेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल से हुआ एमओयू

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रायपुर, 3 सितंबर 2025 – छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग और तेलंगाना के कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल के बीच एक लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत, बस्तर में 200 करोड़ रुपये की लागत से 240 बिस्तरों वाला एक हाई-टेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस कदम को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर एक शुभ संकेत है। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित प्रदेश के हर नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे।” मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यह अस्पताल विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध होगा, जिन्हें अब इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा।

अस्पताल की मुख्य विशेषताएं:

  • लागत और वित्तपोषण: 200 करोड़ रुपये की कुल लागत में से 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए गए हैं। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) ने भी इस परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
  • क्षमता और विभाग: यह 10 मंजिला अस्पताल 240 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा और इसमें कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे सुपर स्पेशियलिटी विभाग होंगे।
  • सेवाएं: अस्पताल में ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सरकारी दर पर उपचार प्रदान करेगी।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बस्तर में इस तरह के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना एक गर्व की बात है, क्योंकि पहले ऐसी सेवाएं केवल बड़े शहरों में ही उपलब्ध थीं। स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने बताया कि यह अस्पताल 11 एकड़ में फैला है और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है।

इस ऐतिहासिक पहल को बस्तर अंचल के लाखों लोगों के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जो अब बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे और बड़े शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी।