रायपुर, 18 जुलाई 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की जा रही है, जिसमें बघेल के बेटे चैतन्य बघेल भी जांच के दायरे में हैं।
सुबह करीब 6 बजे ईडी की टीम सीआरपीएफ के जवानों के साथ बघेल के भिलाई निवास पहुंची। आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
भूपेश बघेल ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर इस छापेमारी की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “ईडी आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में ‘साहेब’ ने ईडी भेज दी है।” बघेल ने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
शराब घोटाले का आरोप:
यह छापेमारी कथित शराब घोटाले से संबंधित है। ईडी का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में 2019 से 2023 के बीच एक संगठित शराब सिंडिकेट काम कर रहा था, जिसमें कमीशन एकत्र करने और सरकारी शराब दुकानों को बिना हिसाब वाली शराब की आपूर्ति के माध्यम से ₹2,161 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई की गई थी। इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां और छापे मारे जा चुके हैं।
पहले भी हुई है छापेमारी:
यह पहली बार नहीं है जब बघेल के आवास पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने छापा मारा है। मार्च 2025 में भी ईडी ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी, जो कथित महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाले से भी संबंधित थी। सीबीआई ने भूपेश बघेल को महादेव सट्टेबाजी ऐप घोटाले में नामजद 19 आरोपियों में से एक के रूप में नामित किया था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
इस छापेमारी को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में हड़कंप मच गया है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है, जबकि भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यह खबर एक ब्रेकिंग न्यूज़ है और अधिक जानकारी आने पर इसे अपडेट किया जाएगा।

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