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विधानसभा में RI परीक्षा गड़बड़ी पर हंगामा, गैंगरेप के 9 दोषियों की सजा HC ने बरकरार रखी

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार, 14 जुलाई 2025 से शुरू हुए विधानसभा के मॉनसून सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। राजस्व निरीक्षक (RI) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और CBI जांच की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में गैंगरेप के नौ दोषियों की सजा को बरकरार रखा है।

RI परीक्षा पर विधानसभा में बवाल:

मॉनसून सत्र के पहले दिन राजस्व निरीक्षक (RI) की विभागीय परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सदन में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। भाजपा विधायक राजेश मूणत ने यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि यह पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था, जबकि विपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि परीक्षा मौजूदा भाजपा सरकार के तहत जनवरी 2024 में हुई थी और परिणाम फरवरी में घोषित हुए थे। कांग्रेस विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में CBI जांच की मांग की। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक और कार्रवाई में देरी को लेकर गरमागरम बहस हुई, जिसके बाद विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

गैंगरेप के 9 दोषियों की सजा HC ने रखी बरकरार:

एक अन्य महत्वपूर्ण खबर में, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के एक गैंगरेप मामले में नौ आरोपियों की दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखा है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने आरोपियों द्वारा दायर चार आपराधिक अपीलों को खारिज करते हुए विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज) बलौदाबाजार के फैसले की पुष्टि की। अदालत ने पाया कि घटना के समय दोनों पीड़िताएं 18 वर्ष से कम उम्र की थीं और अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित थीं।

बच्चों के कल्याण के लिए अदालती जुर्माने का उपयोग:

एक सकारात्मक पहल में, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने निर्देश दिया है कि विभिन्न अदालती मामलों में लगाए गए जुर्माने की राशि को विकलांग बच्चों के घरों और बाल अवलोकन गृहों में जमा किया जाए। इस पहल का उद्देश्य इन संस्थानों में रहने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है।