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नगर पंचायत समोदा में मजदूरों का 4 माह से वेतन अटका, 5 दिनों से हड़ताल पर 46 कर्मचारी; जीवन-यापन में भारी संकट, क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का मिला समर्थन, आंदोलन की चेतावनी

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समोदा (रायपुर): नगर पंचायत समोदा में लगभग 46 कर्मचारियों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण एक गंभीर मानवीय और आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ठेकेदार और नगर पंचायत के अधिकारी कथित तौर पर कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं और उनके बकाया का भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिससे ये कर्मचारी पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं।

पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने से उनके जीवन-यापन में भारी समस्या आ रही है। वे कर्ज में डूब गए हैं और अब दुकान वाले भी उन्हें राशन या दैनिक जरूरत का सामान उधार देने से मना कर रहे हैं। खेती-किसानी के इस सीजन में उन्हें खाद, बीज और मजदूरों का पैसा देना है, लेकिन वेतन न मिलने के कारण वे असमर्थ हैं। बच्चों को पढ़ाई सामग्री दिलाने में भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे दुखद स्थिति यह है कि जिनके घरों में बुजुर्ग बीमार हैं, वे वेतन के अभाव में उनके लिए दवाई और उचित इलाज की व्यवस्था भी नहीं कर पा रहे हैं।

कर्मचारियों की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। हड़ताली कर्मचारियों से मुलाकात करने वालों में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला अध्यक्ष योगेश साहू, जिला मीडिया प्रभारी सुमित ध्रुव, क्रांति सेना के आरंग ब्लॉक युवा अध्यक्ष ओमप्रकाश ध्रुव और आरंग ब्लॉक संयोजक धर्मेंद्र प्रजापति प्रमुख रूप से शामिल रहे। इनके साथ मनोज, कौशल, आसकरण और अन्य सेनानी भी उपस्थित थे।

दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों की समस्याओं को गहराई से सुना और ठेकेदार व नगर पंचायत को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेंगे। क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने पीड़ित कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि उनके हक की लड़ाई में वे पूरी तरह उनके साथ हैं और सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें उनका पूरा बकाया और न्याय मिले। इस गंभीर मानवीय संकट पर स्थानीय प्रशासन की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।